financial || वितीय साक्षरता में ग्राहक सेवा केंद्र की भूमिका

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वितीय साक्षरता…. एक एसी प्रकिया जिसके द्वारा वित्तीय निवेश करने वाला या उपभोक्ता वित्तीय उत्पादों, अवधारणाओं व् जोखिमो के बारे में अपनी समझ को विकसित करते है और जानकारी या निर्देशों के द्वारा अपनी दक्षता एव आत्मविश्वास का विकास करते है जो उन्हें जोखिमो तथा अवसरों के बारे में अधिक जागरूक बनाते है, इनकी मदद से वे अपने विकल्पों का चयन अपनी सूझ-बुझ से करते है,

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उन्हें यह पता होता है की मदद के लिए कहा जाना चाहिए और अपनी आर्थिक सम्र्द्दी को बढ़ाने हेतु क्या क्या ठोस कदम उठाने चाहिए …

वित्तीय साक्षरता को ऐसे भी समझा जा सकता है, की वित् बाजार से उसके वस्तुओ या उत्पादों के प्रतिफलो एवं जोखिमो की जानकारी के साथ, लोगो को जागरूक व परिचित कराना, ताकि वो अपने विकल्पों का चयन अच्छी तरह से कर सके/ तो अब इसे यु भी समझ सकते है की,

शिक्षा प्राथमिक रूप से व्यक्तिगत वित्त से सम्बन्धित है जो लोगो को ऐसे प्रभावी कार्य में सक्षम बनाती है जो कुल मिलाकर उनकी खुशहाली को बढाती है और वित्तीय साक्षरता में उनकी समस्याओ को कम कर सकती है

वित्तीय साक्षरता की आवश्यकता….

  • वित्त -बाजारों की बढती हुई जटिलताओ व बाजारों की सूचनाओ को आम लोगो तक पहुचाना, ताकि इसके मध्य सूचनाओ की विषमताओं को कम किया जा सके जिससे की आम आदमी अपनी सूझ बुझ का इस्तेमाल कर के अपने विकल्पों का चयन कर सके,
  • विकसित तथा विकासशील दोनों प्रकार के देशो की प्रभावी वित्तीय शिक्षा कार्यक्रमों के निर्माण एवं क्रियान्वयन में मदद करना,
  • मुख्य रूप से मुलभुत बैंकिंग, वित्त एवं केन्द्रीय बैंकिंग के बारे में विभिन्न आयु-वर्गो के बच्चो को शिक्षा देना,
  • एक विशेष रूप से लक्षित समूहों जैसे महिलाओ, ग्रामीण एवं शहरी गरीबो, रक्षा-कर्मियों तथा वरिष्ठ नागरिको से सम्बन्धित उपयोगी जानकारी उपलब्ध करना

वित्तीय साक्षरता में ग्राहक सेवा केंद्र की भूमिका….

भारत की घनी आबादी में वित्तीय समावेशन सदेव से ही एक चुनोती रही है जो सिमित संसाधनो में आर्थिक विकास और सम्रद्धि को ध्यान में रखते हुए हरेक नागरिक को उम्दा प्रदर्शन करते हुए आगे बढने के अवसर देने के लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित है,

विगत एक दशक में वित्तीय समावेशन के लिए वित्तीय साक्षरता को आधार मानते हुए योजना आयोग व निति आयोग, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ साथ लगभग सभी बैंको से जुड़ी समितियों ने यही रिपोर्ट की है की, भारत की वित्तीय साक्षरता निमन्न है जिसे विभिन्न अलग-अलग तरीको से साक्षरता में तब्दील करना है,और इसी कड़ी में ग्राहक सेवा केन्द्रों की भूमिका अग्रणी रही है ….

मूलतः ग्राहक सेवा केंद्र वे वित्तीय प्रबन्धन इकईया है जो किसी बैंक से अनुबंधित होकर बैंकिंग क्षेत्र के कार्य को आमजन तक उपलब्ध करवाते है, ग्राहक सेवा केन्द्रों में विभिन्न प्रकार के खाते खोलने से लेकर नकद जमा व नकद निकासी, वित्त का स्थानान्तरण, विभिन्न बिलों का भुगतान व् संग्रहन का कार्य किए जाते है….

जिसमे क्षेत्र, भाषा, रहन-सहन को लेकर काफी विभिन्नताये पाई जाती है चुकी बैंकिंग प्रणाली पुरे देश भर में समांतर है जिससे नोकल भाषा को लेकर सदेव द्वन्द्व की स्थिति बनी रहती है…

जहा ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक या उपभोक्ता बाहरी लोगो की भाषा के कारण अपने विचार या जरूरी जानकारी नही दे पते थे, और ये कारण वित्तीय साक्षरता में एक बड़ा बाधक बन रहा था, जिसको ग्राहक सेवा केन्द्रों ने आसानी के साथ दूर कर दिया, क्यों की बैंकमित्र यानी ग्राहक सेवा केन्द्रों में संचालक मूलतः उसी परिक्षेत्र के अग्रिम पंक्ति के लोग होते है

जो डिजिटल तकनीक से लेस होगे के साथ साथ सामाजिक ताने बाने से तरह से वाकिफ होते है, ये लोग लोगो को स्थानीय भाषा में संतोषजनक अभिव्यक्ति के शेयर बेंकिग फोबिया से दूर करते हुए वित्तीय साक्षरता की औए ले जनि की कोशिश करते है….

ग्राहक सेवा केंद्र के लोग मनरेगा योजना में जुड़े मजदूरों से लेकर डेली वैजेज पर काम करने वाले मजदूरों को विभिन बैंकिंग योजनाओं से जोड़ते हुए बचत की और प्रेरित करते है

साथ ही ये लोग बैंकिंग कार्य को धरातल पर मूर्त रूप देने में सदेव सजग नजर आते है साथ ही बैंकिंग कार्य अवधि से लगभग दुगुने समय तक बैंकिंग काम करते है जिससे मजदूर किसान परिवारों को अपने काम के उपरांत बैंकिंग लेनदेन में मददगार साबित हो जाते है

छीजत से लेकर वित्तीय फरेब से बचने के लिए ये ग्राहक सेवा केंद्र ग्राहकों को अधिक सजग करते नजर आते है RBI BANK द्वारा जारी गाइडलाइंस को आमजन तक पहुचने व् उसका देशिकर्ण कर सरल भाषा में समझाने में सफल भूमिका अदा कर रहे जो भारत जेसे विकासशील देश के लिहाजे बहुत जरूरी है

वित्तीय साक्षरता

अपना देश अधिकतर किसान वर्ग से जुदा हुआ है जहा वित्तीय साक्षरता की बहुत कमी पाई जाती है जिसका एक बड़ा उदाहरण क्रषि ऋणों की बकाया राशी से भी लगाया जा सकता है और इसी काम को ग्राहक सेवा केंद्र स्न्च्लको ने सुलभ किया है ग्राहक सेवा केन्द संचालक उसी क्षेत्र के रहने वाले होते है जो उस क्षेत्र के लोगो की भाषा के साथ साथ उनके विचारो से भी वाकिप होते है

इसलिए वो उनके घाटे नफे को आसानी से समझाने में सफल होते है यही कारण है की पिछले तीन चार वर्षो में बैंकिंग कार्य के साथ साथ वित्तीय निवेश व वित्तीय उत्पादों सम्बन्धित जागरूकता काफी तेजी से बढ़ी है

बैंक मित्र एसे वर्ग को भी वित्तीय शिक्षा प्रधान करता है जो कम दक्षता या ज्ञान की कमी के कारण अच्छी तरह समझ बुझकर आर्थिक फेसले नही कर पता है या करना कठिन होता है हालाकि वित्तीय साक्षरता उन्हें,समय रहते जीवन की आवश्यकताओ की पूर्ति करने तथा अप्रत्याशित स्थितिओं का सामना बिना अनावश्यक ऋण लिए करने मे,मदद करती है

ज्ञान की कमी या विभिन प्रकार की जानकारियों के अभाव में वंचित रह जाते है, ऐसे वर्ग को ग्राहक सेवा केंद्र संचालक उनके अपने हको को पहचानना या प्राप्त करना सिखाते है, सरकारे भी समय-समय पर कई प्रकार की योजनाओ को लागु करती हैजिससे आम लोगो को काफी राहत मिलती है लेकिन इसी वित्तीय साक्षरता के अभाव में एक बड़ा वर्ग इससे वंचित रहता है,

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना

जिसको दूर करके हर घर या जरुरतमन्द तक पहुचाने में ग्राहक सेवा केंद्र की भूमिका सरानिये रही, अगर प्रधानमंत्री बिमा योजना या प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना जेसी महत्वकांक्षी योजनाओ पर नजर डाले तो बैंक मित्रो का कार्य काफी अच्रछा रहा, जिन क्षेत्रो में इन योजनाओ को विज्ञापन की बाद भी नही पहुचाया गया वहा ही बैंक मित्रो के सहयोग से काफी ज्यादा इनरोलमेंट किये जा चुके है,

अटल पेंशन योजना

इसके साथ ही अटल पेंशन योजना जो ग्रामीण लोगो के लिए बुढ़ापे का सहारा बनती है उस योजना से भी ग्राहक सेवा केंद्र ग्रामीण लोगो को जोड़ते है अटल पेंशन योजना से ग्रामीण लोगो को छोटी- छोटी बचत से उनकी बुढ़ापे की रोजी रोटी का सहारा मिलता है इन सभी योजनाओ के बारे में ग्राहक सेवा केन्द्रों से अधिक ग्रामीण लोगो को कोई नही समझा सकता है..

वर्तमान में अधिकतर संचालक युवा वर्ग है जो अपने साथ सोशल मिडिया या अपनी सूझ बुझ से छोटे छोटे गावो, ढाणियों व शहरों के युवाओ को जोड़ने में सफल रहते है

और यही युवा टीम उस क्षेत्र में वित्तीय साक्षरता को मजबूत करने में काफी कारगर सिद्ध होती है खासतौर से एसे क्षेत्र जो साक्षरता में काफी पिछड़ा हो और लोगो को सामान्य बोध या जानकारी से दूर रहे हो, वहा वित्तीय जानकारियों से अवगत करवाने के लिए इसे समूह का ही सहारा लेना पड़ता है जिसको बैंक मित्र आसानी से कर सकते है…

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ऑनलाइन या बैंकिंग फ्रोड

एक ऐसा मुद्दा जो वर्तमान में आम लोगो से लेकर सरकारे व् वित्तीय संस्थानों के लिए सर दर्द बन चूका ऑनलाइन या बैंकिंग फ्रोड पर फ़ोक्ष करना अतिआवश्यक हो जाता है, आज सभी वित्तीय संस्थानों के पूरी कोशिश के बाद भी रोज करोड़ो का फ्रोड होता है जिसको कम करने या रोकने में ग्राहक सेवा केन्द्रों की अहम भूमिका रही है, फ्रोड गिरोह ऐसे लोगो को शिकार बनाते है

जिनको इस प्रकार की जानकारी बहुत कम होती है, इसलिए बैंक मित्र लोगो में जागरूकता बढाकर कम करते है साथ ही कैश डिपोजिट करते वक्त भी ऐसे फ्रोड अकाउंट को चिन्हित कर के लोगो को ठगी का शिकार होने से बचाते है ..

ग्राहक सेवा केन्द्रों द्वारा वित्तीय साक्षरता के लिए किये जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य जो लोगो की सुविधाओ के साथ साथ वित्तीय जानकारी, वित्तीय निवेश, वित्तीय उत्पादों, अवधारणाओं व जोखिमो के बारे में सचेत करते है साथ ही सहायक भी बनते है ..

  • ऋणों का निपटारा व जरूरी जानकारी साझा करना
  • बैंक अकाउंट खोलना व खाते सम्बन्धित जानकारी देना
  • आधार कार्ड लिंक करना
  • पेन कार्ड लिंक करना
  • पैसा डिपोजिट करना
  • पैसा विड्रोल करना
  • बैंक से ग्राहकों को ATM कार्ड जारी करवाना
  • फंड ट्रांसफर करवाना
  • इन्श्योरेंस सर्विस प्रदान करना
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओ से जोड़ना
  • ATM कार्ड के पिन जनरेट करना

सारांशतः यही कहा जा सकता है की भारत में वित्तीय समावेशन को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से स्थापित ग्राहक सेवा केंद्र निश्चित रूप से वित्तीय साक्षरता के अग्रदूत साबित हो रहे है ..

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ध्यान दे अगर आप दुकानदार है या फिर आप किसी ऑफिस, मौल, वर्कशॉप के ऑनर है तो अपने शॉप पर अग्निसमन यंत्र यानि आग बुझाने का सिलेंडर जरुर रखे … इसमे सबसे बड़ी प्रोब्लम ये होती है की कहा से ख़रीदे, कैसे ख़रीदे …….तो इसका लिंक दिया गया जहा से आप इसे खरीद सकते हो

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